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डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का कारण कà¥à¤¯à¤¾ है?
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ आमतौर पर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ या पानी न पीने या शरीर से दà¥à¤°à¤µ बाहर निकलने के कारण होता है। जलवायà¥, अधिक शारीरिक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और आपका आहार के कारण à¤à¥€ डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है।
इसके अलावा बीमारी जैसे लगातार उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤, बà¥à¤–ार से पसीना आना या गरà¥à¤® जगह पर à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने के कारण à¤à¥€ डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के कारणों
के बारे में और पढ़ें।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का खतरा किसे होता है?
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को हो सकता है। लेकिन कà¥à¤› विशेष उमà¥à¤° के लोगों में इसका जोखिम अधिक होता है। इसमें शामिल है:
बचà¥à¤šà¥‡ और शिशॠ- इनके शरीर का वजन कम होता है और कम मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ के बाहर निकलने से शरीर संवेदनशील हो जाता है।
बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—- इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने शरीर में पानी की कमी के बारे में कम जानकारी होती है। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
लंबे समय से असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ - मधà¥à¤®à¥‡à¤¹
से पीड़ित मरीज या शराब का सेवन
करने वाला वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¥¤
à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿà¥à¤¸ - पसीने के जरिठअधिक मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ शरीर से बाहर निकल आता है।
कà¥à¤¯à¤¾ करें
अगर आपको डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो गई है, तो खूब सारे तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें। पानी, सेमी-सà¥à¤•िमà¥à¤¡ दूध, पतला सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤¶ या फलों का रस नियमित अंतराल पर लें। लेकिन कैफीन और सोडा यà¥à¤•à¥à¤¤ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवनसे परहेज करें।
लगातार उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ के कारण आपके शरीर में पानी की कमी हो जा रही हैं तो कम मातà¥à¤°à¤¾ में बार-बार पानी या तरल पदारà¥à¤¥ पीने की कोशिश करें।
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पानी नहीं पिलाना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह उनके शरीर में पहले से ही कम मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद खनिजों को पतला कर देता है जिससे समसà¥à¤¯à¤¾ और अधिक गंà¤à¥€à¤° हो सकती है।
इसके बजाय उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फलों का पतला जूस या रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ घोल (फारà¥à¤®à¥‡à¤¸à¥€ पर उपलबà¥à¤§) देना चाहिà¤à¥¤ आप छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को तरल पदारà¥à¤¥ देने के लिठचमà¥à¤®à¤š या सीरिंज का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
अगर समय पर इसका इलाज न किया जाठतो डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ गंà¤à¥€à¤° हो सकता है और इसके कारण बचà¥à¤šà¥‡ को दौरे पड़ना
, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और यहां तक की मौत à¤à¥€ हो सकती है।
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